The story of The Statue of Liberty · 3 min · HI

स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी: न्यूयॉर्क की महान स्वतंत्रता देवी

A narrated story about The Statue of Liberty — press play, or read it below.

Avsha narrates a story about wherever you are — any street, in your language. Free to start, no account.

The story

नमस्कार, मैं हूँ आपकी गाइड अव्शा। आज मैं आपको न्यूयॉर्क शहर के उस आइकोनिक स्थल की यात्रा पर ले चलूंगी, जिसने सदियों से दुनिया भर से आने वाले लोगों का स्वागत किया है। इस वक्त हम न्यूयॉर्क हार्बर के मुहाने पर खड़े हैं। आप अपने चारों ओर अटलांटिक महासागर की ठंडी लहरों की आहट सुन सकते हैं और पीछे की तरफ मैनहट्टन की गगनचुंबी इमारतों का शानदार नजारा देख सकते हैं। लेकिन आपकी नजरें सीधे उस विशाल हरे रंग की प्रतिमा पर टिकी होंगी, जिसे दुनिया 'स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी' के नाम से जानती है। यह प्रतिमा केवल पत्थर और तांबे का ढांचा नहीं है; यह दोस्ती और आजादी का एक महान प्रतीक है। साल 1886 में, फ्रांस के लोगों ने अमेरिका की आजादी के सौ साल पूरे होने पर इसे उपहार के रूप में दिया था। इसके पीछे की कलाकारी फ्रांसीसी मूर्तिकार फ्रेडरिक अगस्टे बार्थोल्डी की है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसके भीतर का लोहे का मजबूत ढांचा किसने तैयार किया था? वही शख्स जिन्होंने पेरिस का एफिल टॉवर बनाया था—गुस्ताव एफिल। जैसे-जैसे आप इस प्रतिमा को करीब से देखते हैं, इसके बारीक विवरणों पर गौर करें। लेडी लिबर्टी के दाहिने हाथ में जो मशाल है, वह अज्ञानता के अंधेरे को दूर कर ज्ञान का प्रकाश फैलाने का प्रतीक है। उनके सिर पर बना मुकुट सात किरणों से सजा है, जो दुनिया के सात महाद्वीपों और सात समुद्रों को दर्शाते हैं। उनके बाएं हाथ में एक तख्ती है, जिस पर रोमन अक्षरों में 4 जुलाई 1776 लिखा है, जो अमेरिका की स्वतंत्रता का दिन है। एक और दिलचस्प बात जो अक्सर लोग दूर से नहीं देख पाते, वह है उनके पैरों के पास पड़ी टूटी हुई जंजीरें। यह गुलामी और तानाशाही की बेड़ियों को तोड़ने का संकेत है। न्यूयॉर्क का यह हिस्सा इतिहास की कई परतों से भरा है। इसी के बगल में एलिस आइलैंड है। कल्पना कीजिए, उन लाखों प्रवासियों के बारे में जिन्होंने समुद्री जहाजों में महीनों बिताए और जब वे पहली बार इस बंदरगाह में दाखिल हुए, तो सबसे पहले इसी देवी को देखा। उनके लिए यह प्रतिमा सुरक्षा और एक नई शुरुआत की गारंटी थी। प्रतिमा के आधार पर लगी वह मशहूर पट्टिका भी मत भूलिए, जिस पर एम्मा लाजरस की कविता की पंक्तियाँ लिखी हैं—"मुझे अपने थके हुए, अपने गरीब और वे लोग दे दो जो आजादी के लिए तरस रहे हैं।" आज जब हम यहाँ खड़े हैं, तो यह जगह हमें याद दिलाती है कि न्यूयॉर्क हमेशा से ही सपनों का शहर रहा है। चाहे आप लिबर्टी आइलैंड की घास पर टहल रहे हों या फेरी से इसे निहार रहे हों, न्यूयॉर्क का यह कोना आपको इतिहास की गहराई और भविष्य की उम्मीद, दोनों का अहसास कराएगा। मैं अव्शा हूँ, और मुझे खुशी है कि आपने इस ऐतिहासिक सफर में मेरा साथ दिया। अपनी इस यात्रा का आनंद लें और न्यूयॉर्क की इस महान देवी की शांति को महसूस करें।

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