The story of Red Square and Saint Basil's Cathedral · 3 min · HI

मॉस्को का दिल: रेड स्क्वायर और सेंट बेसिल कैथेड्रल

A narrated story about Red Square and Saint Basil's Cathedral — press play, or read it below.

Avsha narrates a story about wherever you are — any street, in your language. Free to start, no account.

The story

नमस्कार, मैं हूँ अव्शा। आज मैं आपको रूस के उस स्थान पर ले आई हूँ जहाँ इतिहास की परतें और वास्तुकला का जादू एक साथ मिलकर एक अद्भुत अनुभव पैदा करते हैं। हम इस वक्त मॉस्को के रेड स्क्वायर के बीचों-बीच खड़े हैं। अपनी आँखें बंद करें या फिर चारों ओर घूमकर देखें, आप खुद को दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित सार्वजनिक स्थलों में से एक में पाएंगे। सबसे पहले, आइए इस नाम की बात करते हैं। रेड स्क्वायर या 'क्रास्नाया प्लोशचद'। हालांकि यहाँ की दीवारें लाल ईंटों की हैं, लेकिन पुराने रूसी शब्द 'क्रास्नाया' का मूल अर्थ 'खूबसूरत' होता था। और जब आप यहाँ खड़े होकर चारों ओर देखते हैं, तो आप समझ पाएंगे कि यह नाम कितना सटीक है। मेरे एक तरफ क्रेमलिन की ऊँची दीवारें और भव्य स्पैस्काया टावर खड़ा है, जिसकी विशाल घड़ी पिछले कई दशकों से मॉस्को का समय तय कर रही है। अब अपनी नज़र उस इमारत पर ले जाइए जो किसी परियों की कहानी की किताब से निकलकर यहाँ आ गई लगती है—सेंट बेसिल कैथेड्रल। इसके घुमावदार, रंग-बिरंगे और अलग-अलग पैटर्न वाले गुंबद आसमान को छू रहे हैं। क्या आपने कभी सोचा है कि इसे ऐसा क्यों बनाया गया? इसे 16वीं शताब्दी में इवान द टेरिबल ने कज़ान पर अपनी जीत के जश्न में बनवाया था। इसके नौ अलग-अलग चैपल हैं, जो बीच में एक मुख्य चर्च के चारों ओर खड़े हैं। एक बहुत ही प्रसिद्ध लेकिन दुखद कहानी है कि जब यह बनकर तैयार हुआ, तो इवान इसके सौंदर्य से इतना प्रभावित हुआ कि उसने इसके वास्तुकारों को अंधा करने का आदेश दे दिया, ताकि वे दुनिया में कहीं भी दोबारा इतनी सुंदर इमारत न बना सकें। हालांकि इतिहासकार इस बात को सिर्फ एक मिथक मानते हैं, लेकिन यह कहानी बताती है कि यह जगह कितनी अनमोल है। अब थोड़ा दाईं ओर मुड़ें, जहाँ आपको एक विशाल और भव्य इमारत दिखेगी जो किसी महल जैसी लगती है। यह GUM डिपार्टमेंट स्टोर है। 19वीं सदी की यह इमारत आज दुनिया के सबसे महंगे और लग्जरी शॉपिंग सेंटरों में से एक है। इसकी कांच की छत और लोहे के काम को गौर से देखें, जो इसे एक ऐतिहासिक रेलवे स्टेशन जैसा लुक देता है। इसके ठीक विपरीत खड़ा है गहरे लाल रंग का स्टेट हिस्टोरिकल म्यूजियम, जो रूस के प्रागैतिहासिक काल से लेकर आज तक की कहानियों को समेटे हुए है। यहाँ की जमीन के पत्थर भी इतिहास की गवाही देते हैं। इसी जगह पर महान सैन्य परेड हुई हैं, राजाओं के राज्याभिषेक हुए हैं और कई क्रांतियों की गूंज सुनाई दी है। पास ही में काले ग्रेनाइट से बना लेनिन का मकबरा है, जहाँ समय जैसे ठहर गया है। जैसे-जैसे आप इस चौक पर चहल-कदमी करते हैं, यहाँ की ठंडी हवा और विशाल खुलेपन को महसूस करें। यह केवल पत्थरों और ईंटों का ढेर नहीं है, बल्कि रूस की आत्मा है। रेड स्क्वायर की यह यात्रा हमें याद दिलाती है कि समय बदलता है, साम्राज्य बनते और गिरते हैं, लेकिन कला और इतिहास की ये निशानियाँ हमेशा के लिए अमर हो जाती हैं। चलिए, थोड़ा और आगे बढ़ते हैं और इस शानदार शहर के कुछ और रहस्यों को करीब से देखते हैं।

This story in other languages