The story
नमस्ते, मैं हूँ आपकी गाइड अव्शा। रोम की इन घुमावदार और संकरी गलियों में चलते हुए, क्या आप हवा में एक खास नमी और गिरते हुए पानी की वह गूंज सुन पा रहे हैं? जैसे-जैसे आप आगे बढ़ेंगे, वह शोर और भी गहरा, और भी संगीत जैसा होता जाएगा। और फिर, अचानक एक मोड़ मुड़ते ही, आपकी आँखों के सामने वह दृश्य खुलेगा जो सदियों से कवियों और प्रेमियों को प्रेरित करता आया है। यह है ट्रेवी फाउंटेन, रोम का धड़कता हुआ दिल और दुनिया का सबसे भव्य फव्वारा। इसे सिर्फ पत्थर की एक बनावट मत समझिए; यह बारोक वास्तुकला का एक जीवंत नाटक है। इस महान कृति को 1732 में निकोला साल्वी ने डिजाइन करना शुरू किया था। इस फव्वारे की ऊंचाई और विस्तार को देखिए, यह पूरा नजारा 'पलाज्जो पोली' नामक महल की दीवार से सटा हुआ है, जिससे ऐसा लगता है मानो पूरा महल ही पानी के इस झरने से निकल रहा हो। केंद्र में स्थित हैं महासागर के देवता ओशनस। वे एक विशाल शंख के आकार के रथ पर सवार हैं, जिसे दो समुद्री घोड़े खींच रहे हैं। अगर आप ध्यान से देखेंगे, तो पाएंगे कि एक घोड़ा बहुत शांत है और दूसरा विद्रोही और बेकाबू। यह समुद्र की बदलती फितरत को दर्शाता है—जो कभी बेहद शांत होता है और कभी उग्र लहरों वाला तूफानी। ओशनस के बाईं ओर 'प्रचुरता' की देवी खड़ी हैं, जिनके हाथ में फलों और अनाज से भरी टोकरी है, और दाईं ओर 'स्वास्थ्य' की देवी हैं। यह फव्वारा जिस पानी से भरा है, उसका इतिहास भी अद्भुत है। यह पानी प्राचीन 'एक्वा विर्गो' एक्वाडक्ट के जरिए यहाँ तक पहुँचता है, जो लगभग दो हजार साल पहले बनाया गया था। कल्पना कीजिए, आप उस पानी को देख रहे हैं जो प्राचीन रोमन साम्राज्य के समय से इसी रास्ते से यहाँ बह रहा है। अब, चलिए उस विश्वप्रसिद्ध परंपरा की ओर बढ़ते हैं जिसके बिना रोम की यात्रा अधूरी है। क्या आपकी जेब में कोई सिक्का है? अपनी पीठ फव्वारे की ओर मोड़ें। अब अपने दाहिने हाथ में सिक्का लें और उसे अपने बाएं कंधे के ऊपर से पानी के कुंड में फेंक दें। किंवदंती है कि एक सिक्का फेंकने का मतलब है कि आप एक दिन फिर से रोम वापस आएंगे। अगर आप दूसरा सिक्का फेंकते हैं, तो आपको रोम की गलियों में अपना सच्चा प्यार मिलेगा, और तीसरा सिक्का आपको शादी के बंधन में बांध सकता है। आपको जानकर हैरानी होगी कि हर दिन यहाँ के पानी से लगभग तीन हजार यूरो निकाले जाते हैं, जो रोम के बेघर और जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए दान कर दिए जाते हैं। आपकी एक छोटी सी मन्नत किसी के जीवन में बड़ा बदलाव लाती है। यहाँ खड़े होकर एक पल के लिए अपनी आँखें बंद करें। फव्वारे की गूँज और पत्थर पर गिरते पानी की आवाज को महसूस करें। यही वह रोम है जिसे 'ला डोल्से वीटा' यानी 'सुखद जीवन' कहा जाता है। चाहे दोपहर की सुनहरी धूप हो या रात की दूधिया रोशनी, ट्रेवी फाउंटेन हमेशा आपको एक नई कहानी सुनाएगा। जब आप यहाँ से आगे बढ़ें, तो इस पानी की कल-कल को अपनी यादों में बसा लीजिएगा, क्योंकि रोम की ये शामें कभी पुरानी नहीं होतीं।