The story
नमस्ते, मैं हूँ अव्शा। मोरक्को के सबसे जादुई शहर, मराकेश में आपका स्वागत है। अभी आप जिस जगह खड़े हैं, वह सिर्फ एक मैदान नहीं, बल्कि मोरक्को की आत्मा है। जेमा अल-फ़्ना। इस नाम का अर्थ बड़ा ही रहस्यमयी है। कुछ लोग इसे 'मौत का मजमा' कहते हैं, क्योंकि सदियों पहले यहाँ अपराधियों को सजा दी जाती थी, तो कुछ इसे 'विनाश की मस्जिद' मानते हैं। लेकिन आज, यहाँ जो ऊर्जा आप महसूस कर रहे हैं, वह जीवन से भरपूर है। अपनी आँखें बंद कीजिए और इस शोर को संगीत की तरह सुनिए। बाईं ओर से आती हुई सपेरों की बीन की तान, दाईं ओर से पानी पिलाने वालों की घंटियों की आवाज़, और चारों तरफ गूंजता हुआ लोगों का कोलाहल। यह सिलसिला 11वीं सदी से यूँ ही चला आ रहा है। अपने सामने देखिए, वह ऊँचा मीनार जो आसमान को छू रहा है, वह कुतूबिया मस्जिद है। वह इस चौक का प्रहरी है, जो सदियों से इस बदलते हुए रंगमंच को देख रहा है। जैसे-जैसे आप इस भीड़ के बीच से गुज़रेंगे, आपको संतरों के ताज़ा रस की खुशबू आएगी। यहाँ के संतरों का रस चखना मत भूलिएगा, यह मराकेश की एक मीठी पहचान है। थोड़ा आगे बढ़ते ही आपको बंदरों के करतब और मेंहदी लगाने वाली महिलाएँ दिखेंगी, जो आपके हाथों पर मोरक्कन संस्कृति के जटिल नमूने उकेरने के लिए तैयार हैं। लेकिन जेमा अल-फ़्ना का असली जादू तब शुरू होता है जब सूरज ढलने लगता है और आसमान नारंगी और बैंगनी रंग में रंग जाता है। इस समय यहाँ 'हल्का' यानी कहानीकारों के घेरे बनने लगते हैं। यूनेस्को ने इस चौक को 'मानवता की मौखिक विरासत' घोषित किया है। इन घेरों में बैठिए, जहाँ दास्तानगो पुरानी अरबी और बर्बर कहानियाँ सुनाते हैं। भले ही आप भाषा न समझें, लेकिन उनकी आवाज़ का उतार-चढ़ाव और उनके हाथों के इशारे आपको सदियों पीछे ले जाएंगे। रात होते ही यह पूरा मैदान एक विशाल खुले भोजनालय में बदल जाता है। सैकड़ों स्टॉलों से उठता हुआ धुंआ और ग्रिल किए जा रहे कबाब, तांजिया और हरीरा सूप की महक आपको मदहोश कर देगी। यहाँ का माहौल किसी त्यौहार से कम नहीं होता। मेरा सुझाव है कि आप किसी छत पर बने कैफे में जाएँ, एक कप पुदीने वाली चाय यानी 'मोरक्कन व्हिस्की' लें और ऊपर से इस अद्भुत नज़ारे को देखें। जेमा अल-फ़्ना एक ऐसी जगह है जो कभी सोती नहीं। यह हर पल बदलती है, फिर भी इसकी रूह वही पुरानी है। यहाँ की भीड़ में खो जाना ही असल में मोरक्को को पाना है। तो चलिए, अपनी झिझक छोड़िए और इस ऐतिहासिक मेले का हिस्सा बन जाइए। मराकेश की यह याद आपके दिल में हमेशा के लिए बस जाएगी।